विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लंदन के चैथम हाउस में कश्मीर के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि भारत ने जम्मू-कश्मीर के मामले में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें अनुच्छेद 370 को हटाना, कश्मीर में विकास और सामाजिक न्याय को बहाल करना, और वहां सफलतापूर्वक चुनाव कराना शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का वह हिस्सा जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है, कश्मीर के संकट का समाधान होने से अभी भी बचा हुआ है।
उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 370 को हटाने से कश्मीर में स्थिति में सुधार हुआ है, और अब पाकिस्तान द्वारा कब्जा किए गए कश्मीर (पीओके) की वापसी की आवश्यकता है। जब वह हिस्सा वापस मिलेगा, तो कश्मीर का समाधान पूरी तरह से हो जाएगा।
इसके अलावा, विदेश मंत्री ने 2024 में कहा था कि पीओके हमेशा से भारत का हिस्सा रहा है, और भारत के सभी राजनीतिक दल इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि यह क्षेत्र भारत को लौटे। उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद अब पीओके के मुद्दे पर सोचने का अवसर मिला है, और यह एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है।
विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने पहले पाकिस्तान से पीओके को खाली करने की मांग नहीं की, जिससे यह संकट बढ़ा, और अब इसे फिर से लोगों की चेतना में लाने की आवश्यकता है।











Leave a Reply