नई दिल्ली | भारतीय रेलवे ने प्लेटफार्मों पर भीड़भाड़ को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब देश के 60 व्यस्त रेलवे स्टेशनों, जिनमें नई दिल्ली, मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, कोलकाता, बेंगलुरु और अन्य शामिल हैं, पर केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्रवेश मिलेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 मार्च, शुक्रवार को शीर्ष रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर यह अहम निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि इन प्रमुख स्टेशनों पर पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल लागू किया जाएगा। प्लेटफॉर्म पर केवल आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को ही प्रवेश मिलेगा, जबकि बिना टिकट या वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को स्टेशन के बाहर बनाए गए प्रतीक्षा क्षेत्रों में रुकना होगा। सभी अनधिकृत प्रवेश बिंदुओं को पूरी तरह सील किया जाएगा।
भीड़ नियंत्रण के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू
इस योजना के तहत नई दिल्ली, आनंद विहार, वाराणसी, अयोध्या और पटना स्टेशनों पर पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू किया जा चुका है। रेलवे के अनुसार, इस व्यवस्था से अचानक उमड़ने वाली भीड़ को प्रतीक्षा क्षेत्रों में नियंत्रित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को केवल ट्रेन आने पर ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति मिलेगी जिससे की स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़ नहीं होगी।
नई सुरक्षा व्यवस्था लागू
रेलवे ने यह फैसला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ की घटना के मद्देनजर लिया है, जिसमें 18 लोगों की जान चली गई थी। 2024 के त्योहारी सीजन के दौरान, सूरत, उधना, पटना और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों के बाहर बनाए गए प्रतीक्षा क्षेत्रों ने भीड़ को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी तरह, प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भी यह प्रणाली कारगर साबित हुई थी।
स्टेशनों पर चौड़े फुट ओवर ब्रिज और हाई-टेक निगरानी प्रणाली
रेलवे ने यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 12 मीटर और 6 मीटर चौड़े मानक फुट ओवर ब्रिज (FOB) के नए डिजाइन भी तैयार किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के दौरान इन चौड़े पुलों के साथ-साथ रैंप वाली व्यवस्था भीड़ प्रबंधन में कारगर साबित हुई थी।
इसके अलावा, सभी प्रमुख स्टेशनों पर बड़ी संख्या में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे और वॉर रूम बनाए जाएंगे, जहां सभी विभागों के अधिकारी भीड़भाड़ की स्थिति में निगरानी और त्वरित निर्णय लेंगे।
स्टेशन निदेशक को मिलेंगी विशेष शक्तियां
रेलवे ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए प्रमुख स्टेशनों पर एक वरिष्ठ अधिकारी को स्टेशन निदेशक के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस अधिकारी को वित्तीय शक्तियां दी जाएंगी ताकि स्टेशन संचालन को सुचारू बनाया जा सके।
स्टेशन निदेशक को टिकटों की बिक्री को स्टेशन की क्षमता और उपलब्ध ट्रेनों के अनुसार नियंत्रित करने की शक्ति भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, रेलवे स्टाफ और सेवा कर्मियों के लिए नई पहचान पत्र प्रणाली और नई वर्दी लागू की जाएगी, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति में आसानी से पहचाने जा सकें। रेलवे के इस नए कदम से यात्रियों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिलेगा, साथ ही स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।











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