गिग वर्करों को मिलेगा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज

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गिग श्रमिकों से ई-पोर्टल पर पंजीकरण

नई दिल्ली | श्रम और रोजगार मंत्रालय ने गिग श्रमिकों से ई-पोर्टल पर पंजीकरण कराने को कहा है।इससे उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभ मिल सकेंगे। उल्लेखनीय है कि इस बजट मेंं गिग वर्कर्स केे लिए पीएम जन-आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा देने की शुरुआत की गई है। योजना मेंं 5 लााख रुपए प्रति परिवार का इलाज मिलता है। बजट में गिग वर्कर्स के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि उनके स्वास्थ्य संंबंधी मुद्दों पर गौर किया है। वित्त मंत्री ने AB-PMJAY यानी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में इनको कवर देने की घोषणा की थी।


गिग वर्कर्स कौन होते हैं? ये वो लोग हैं जो छोटे-मोटे काम करते हैं, जैसे कैब चलाना, ऑनलाइन डिलीवरी या फिर फ्रीलांसिंग करने जैसे काम। साल 2030 तक काम करने वालों का 4.1% हिस्सा यानी करीब 23.5 करोड़ लोग गिग वर्कर्स होंगे। देश में हुए आर्थिक सर्वेक्षणों से पता चलता है कि बहुत से लोग बेरोजगार हैं या उन्हें पूरा काम नहीं मिला है। ऐसे में गिग इकॉनमी बढ़ रही है। सरकार की ओर से बजट 2025 में इनका ध्यान रखा गया है।

ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण हेतु पात्रता

  • ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए श्रमिकों को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:
  • आयु 16 से 59 वर्ष के बीच हो।
  • असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हो, जिसमें स्व-नियोजित व्यक्ति, दिहाड़ी मजदूर और गिग वर्कर शामिल हैं।
  • आधार कार्ड से जुड़ा वैध मोबाइल नंबर और बैंक खाता हो।
  • कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) या कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) का सदस्य न हो।

दिल्ली में सरकार ने अलग समिति बनाई

दिल्ली में रेखा गुप्ता की सरकार डिलीवरी बॉय जैसे गिग वर्कर्स के लिए कल्याणकारी योजनाएं लाने जा रही है. गिग वर्कर्स के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने के लिए समिति बनाई गई गई है। इसकी अध्यक्षता सुनील के गुप्ता करेंगे। समिति के तहत दो टीमें बनाई गई हैं, एक आईटी/पोर्टल पहलुओं पर काम करेगी और दूसरी टीम तमाम प्लेटफ़ॉर्म्स और गिग वर्कर्स एसोसिएशन्स के साथ समन्वय का काम देखेगी।


दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान डिलीवरी बॉय और सहयोगियों जैसे गिग वर्कर्स के लिए कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा का वादा किया गया था। दिल्ली में श्रमिकों के लिए योजनाओं के कार्यान्वयन और केंद्र सरकार द्वारा पारित नियमों के कार्यान्वयन के लिए भाजपा सरकार ने 6 और समितियां गठित की हैं।

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