नई दिल्ली। अमेरिका और भारत में बढ़ते कारोबारी तनाव के बीच अमेरिकी अरबपति Elon Musk के स्वामित्व वाले एक्स ने भारत सरकार के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया है। इसने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह केंद्र सरकार को नियंत्रण कसने वाले आदेश जारी करते समय भारत के कानूनों का पालन करने के लिए कहे। यह मुकदमा टेस्ला और स्टारलिंक के लिए पहुंच पर भारतीय कंपनियों व अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे एक अरबपति के लिए एक आश्चर्यजनक कदम है।
अपनी याचिका में एक्स ने गैरकानूनी सामग्री विनियमन और मनमाने ढंग से सेंसरशिप को चुनौती दी है। साथ ही एक्स ने केंद्र द्वारा आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के उपयोग को लेकर चिंता जाहिर की है। इसे लेकर ‘एक्स’ ने तर्क दिया है यह धारा सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लंघन करती है। यह ऑनलाइन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर भी करती है।
भाषा में अपशब्दों और गलत शैली के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट ग्रोक अभी सवालों के घेरे में है। केंद्र सरकार इस मामले में जांच की तैयारी में है। इसे लेकर सरकार एक्स के अधिकारियों से संपर्क भी कर रही है।
मस्क का मुकदमा इंटरनेट फर्मों और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक की राष्ट्रवादी सरकार के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। पिछले वर्षों में, दिल्ली ने मेटा प्लेटफ़ॉर्म से लेकर गूगल तक सोशल मीडिया फ़र्मों के संचालन को नियंत्रित करने वाले कड़े नियम लागू किए हैं, जिसमें कर्मचारियों के लिए संभावित जेल की सजा भी शामिल है।
यह अमेरिका-भारत के बीच बढ़ते तनाव बढ़ावा भी दे सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत द्वारा अमेरिकी आयात पर ज्यादा टैरिफ लगाने की आलोचना करने के बाद 2 अप्रैल से भारत पर पारस्परिक शुल्क लगाने की योजना बनाई है। हालांकि अमेरिकी कंपनियों के लिए यह एक छोटा बाजार है, लेकिन दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश और इसके लगभग 70 करोड़ स्मार्टफोन उपयोगकर्ता एक प्रमुख विकास बाजार के रूप में माने जाते हैं।











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