मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के बड़े नरसंहारों में से एक दिहुली हत्याकांड के दोषियों को मंगलवार को मौत की सजा सुनाई गई। 44 साल पहले फिरोजाबाद जिले के दिहुली गांव की दलित बस्ती में कुछ लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी जिससे 24 लोग मारे गए थे और कुछ लोग घायल हुए थे। मैनपुरी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने इस मामले में कप्तान सिंह, राम पाल और राम सेवक को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। इन्हें हाईकोर्ट में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
अदालत ने इन तीन लोगों को हत्या एवं अन्य गंभीर धाराओं में दोषी माना है। तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ ही दो दोषियों पर दो-दो लाख और एक दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। सजा सुनते ही तीनों के चेहरों पर मायूसी छा गई। यह रोने लगे। कोर्ट के बाहर इनके परिजन भी मौजूद थे, वह भी रोने लगे। इसके बाद पुलिस ने इन्हें जेल ले जाकर बंद कर दिया। इन 44 वर्षों में कुछ आरोपियों की मौत हो गई तथा एक को भगोड़ा घोषित किया गया।
क्या हुआ था
18 नवंबर 1981 की शाम करीब पांच बजे, फिरोजाबाद जिले के जसराना थाना क्षेत्र में स्थित दिहुली गांव में हथियारबंद बदमाशों ने दलित बस्ती पर हमला कर दिया था। बताया गया कि हमलावर राधे-संतोषा गैंग के थे। अपराधियों ने महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। तीन घंटे तक चली इस बर्बर फायरिंग में 24 दलित लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल ने फिरोजाबाद अस्पताल में दम तोड़ दिया था। हमलावरों ने बस्तीवालों पर मुखबिरी करने का आरोप लगाया, फायरिंग के साथ ही जमकर लूटपाट की।
कैसे चला मुकदमा
घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई जांच और अदालत में प्रस्तुत किए गए आरोप पत्रों के आधार पर इस मामले की सुनवाई जिला न्यायालय में शुरू हुई। लेकिन डकैती न्यायालय न होने के कारण मामला प्रयागराज स्थानांतरित कर दिया गया। वहां कई वर्षों तक चली सुनवाई के बाद इसे फिर से मैनपुरी के स्पेशल जज डकैती न्यायालय भेज दिया गया। करीब 15 साल तक चली इस सुनवाई के बाद, आखिरकार अदालत ने इस बहुचर्चित हत्याकांड में तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।
गांव में खेली गई होली
कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने पर गांव के दलित समाज के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए जमकर होली खेली। वहीं, पुलिस भी मुस्तैद रही।
14 दिन जेल की क्वारंटीन बैरक में रहेंगे दोषी
कोर्ट द्वारा सजा सुनाकर जेल भेजे गए तीनों दोषियों को पहले 14 दिन के लिए क्वारंटीन बैरक में रखा जाएगा। मंगलवार शाम जेल पहुंचते ही उनको इस बैरक में भेज दिया गया। यहां उनकी नियमित निगरानी होगी। जांचा जाएगा कि वह समय से खाना-पीना ले रहे हैं या नहीं, सो रहा है या नहीं। 14 दिन के बाद उसको नियमित बैरक में भेजा जाएगा।











Leave a Reply