त्बिलिसी। भला ऐसा भी हो सकता है ? जी हां, जॉर्जिया के पूर्व राष्ट्रपति Mikheil Saakashvili को घुसपैठिया माना, जेल भेजा को अवैध रूप से सीमा पार करने का दोषी मानते हुए सोमवार को साढ़े चार साल की सजा सुनाई गई है। इससे पहले बुधवार को ही उन्हें सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में नौ साल की सजा सुनाई गई थी। न्यायाधीश मिखाइल जिंजोलिया ने कहा, साकशविली की कुल जेल अवधि 12 साल और छह महीने रहेगी। साकशविली समर्थकों और विपक्ष ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।
साकशिविली यूक्रेन और जॉर्जिया के राजनेता हैं। वे छात्र आंदोलन और गुलाब क्रांति के माध्यम से सत्ता में आए थे। 2004 से 2013 तक दो कार्यकाल में जॉर्जिया के राष्ट्रपति रहे। अपने कार्यकाल के अंतिम वर्षों में तानाशाह हो गए थे और उन्होंने अपने विरोध को सख्ती से कुचल दिया था। अगले चुनाव में वे हार गए और देश छोड़ कर जाना पड़ा। इस दौरान वे यूक्रेन के ओडेसा में गवर्नर भी रहे। वे 2021 में स्व-निर्वासन से लौटे।
विदेश में रहने के दौरान ही उन्हें 6 साल की सजा सुनाई गई थी और स्वदेश लौटते ही उन्हें जेल भेज दिया गया था उन्होंने अपनी सज़ा का अधिकांश हिस्सा जेल अस्पताल में बिताया। पिछले हफ़्ते, उन्हें 2009 से 2012 तक सत्ता के दरुपयोग के लिए नौ साल की सजा सुनाई गई। और सोमवार को उन्हें यूक्रेन में निर्वासन से गुप्त रूप से लौटने पर “जॉर्जिया की सीमा को अवैध रूप से पार करने के लिए” चार साल और छह महीने की सजा सुनाई गई।
यूरोपीय संसद ने साकाशविली की तत्काल रिहाई का आह्वान किया है। यूरोपीय संघ और अमेरिका ने जॉर्जिया से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि साकशविली को चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए। काउंसिल ऑफ यूरोप के अधिकार निगरानीकर्ता ने उन्हें “राजनीतिक कैदी” करार दिया है, जबकि एमनेस्टी इंटरनेशनल ने उनके साथ किए गए व्यवहार को “स्पष्ट राजनीतिक बदला” कहा है।











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