सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया जले नोटों का वीडियो जस्टस वर्मा से कामकाज छीना, जांच कमेटी बनी

Rakesh Mathur Avatar

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस वर्मा के घर के अंदर की पहली तस्वीर सामने आ गई है। तस्वीरों में जले हुए नोट साफ दिख रहे हैं। उनके घर इतना कैश कहां से आया इसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। तस्वीरों को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार ऐसा रिकॉर्ड सार्वजनिक हुआ है। उधर, जस्टिस वर्मा से सुप्रीम कोर्ट ने जांच पूरी होने तक सारे न्यायिक अधिकार छीन लिए हैं। जस्टिस यशवंत वर्मा ने नोटों की जानकारी से इनकार किया है।


CJI संजीव खन्ना के आदेश पर जस्टिस वर्मा के घर के अंदर की पहली तस्वीर जारी की गई है। वीडियो में घर के अंदर 4-5 बोरियों में अधजले नोट दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो दिल्ली पुलिस ने शूट किया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट भी प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट और अन्य सभी दस्तावेज़ 25 पृष्ठों में हैं।


भारत के चीफ जस्टिस ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है. इसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की जज अनु शिवरामन शामिल हैं।


उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाईकोर्ट के जज न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के आवासीय बंगले में आग लगने से एक बड़ा खुलासा हुआ था। कथित तौर पर उनके घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। इस घटना ने न्यायिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था. इसने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम को भी तत्काल कदम उठाने पर मजबूर कर दिया था।


पहले भी हो चुकी है जांच


जस्टिस वर्मा के घर से कैश मिलने के मामले में अभी जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन इन सब के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ CBI ने 2018 में भी मामला दर्ज किया था। उस दौरान उनका नाम चीनी मिल बैंक धोखाधड़ी में सामने आया था। उस दौरान सीबीआई ने सिंभावली शुगर मिल्स, उसके निदेशकों और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिसमें यशवंत वर्मा भी शामिल थे, जो उस समय कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक थे। यह मामला ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें चीनी मिल पर फर्जी लोन योजना के जरिए बैंक को धोखा देने का आरोप लगाया गया था।

जस्टिस वर्मा का जवाब

Justice Verma ने कहा, “मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि मेरे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा उस स्टोररूम में कभी भी कोई नकदी नहीं रखी गई थी और इस बात की कड़ी निंदा करता हूं कि कथित नकदी हमारी थ। यह विचार या सुझाव कि यह नकदी हमारे द्वारा रखी या संग्रहित की गई थी, पूरी तरह से बेतुका है। यह सुझाव कि कोई व्यक्ति स्टाफ क्वार्टर के पास एक खुले, आसानी से सुलभ और आम तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले स्टोररूम में या एक आउटहाउस में नकदी संग्रहित कर सकता है, अविश्वसनीय है। यह एक ऐसा कमरा है जो मेरे रहने के क्षेत्र से पूरी तरह से अलग है और एक चारदीवारी मेरे रहने के क्षेत्र को उस आउटहाउस से अलग करती है. मैं केवल यही चाहता हूं कि मीडिया ने मुझ पर अभियोग लगाने और प्रेस में बदनाम होने से पहले कुछ जांच की होती.”

Rakesh Mathur Avatar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Author Profile

द दिव्य भारत का एकमात्र उद्देश्य सकारात्मकता के साथ-साथ विश्वसनीय और जन सरोकारों वाली पत्रकारिता करना है। इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हमारा ध्येय वाक्य – एक कदम दिव्यता की ओर। द दिव्य भारत हमेशा आम जनता / नागरिकों के पक्ष में खड़ा रहने का वचन देता है।

Search