भोपाल/ इंदौर । मध्य प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में एक अप्रैल से शराब बंदी की घोषणा पर अमल शुरू हो रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जनवरी को लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में हुई केबिनेट में इसकी मंजूरी दी थी। प्रदेश के इन क्षेत्रों को पूर्णतः पवित्र घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नशामुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। यह कदम जन-आस्था और धार्मिक दृष्टि से उठाया गया है।
इन धार्मिक स्थानों में एक नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद और 6 ग्राम पंचायतें हैं। जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की जा रही है उनमें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा रामराजा मंदिर क्षेत्र, ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर भेड़ाघाट क्षेत्र, चित्रकूट, मैहर, सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं।
इन जगहों पर बंद होगी शराब
उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त मदिरा दुकानों एवं बार को बंद किया जाएगा।
मध्य प्रदेशः 19 धार्मिक क्षेत्रों में शराब बंद











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