भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू किए गए ‘सीएम राइज स्कूल’ का नाम मंगलवार को वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बदल दिया है। अब राज्य के इन आधुनिक सरकारी स्कूलों को ‘सांदीपनि स्कूल’ नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएम राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता था जैसे अंग्रेजों के जमाने का हो, इसलिए इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर किया गया है।
प्रदेश के स्कूलों में मंगलवार से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान- 2025 का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। वे भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा, सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी कई महान व्यक्तित्वों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में डॉ. यदव के साथ जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहे।
सीएम राइज़ स्कूल
पहले चरण में वर्ष 2021 से 2024 के दौरान 274 सीएम राइज स्कूल का संचालन शुरू किया गया था। प्रदेश में पहले चरण में स्वीकृत 274 सीएम राइज स्कूलों में से 22 स्कूल भवनों का निर्माण पूर्णता की ओर है। वर्तमान में सीएम राइज स्कूलों में 4 लाख 75 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
कौन थे महर्षि सांदीपनि?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि सांदीपनि को भगवान श्रीकृष्ण और बलराम का गुरु माना जाता है। सांदीपनि ने श्रीकृष्ण को 64 कलाओं की शिक्षा दी थी। गुरु सांदीपनि का आश्रम मध्य प्रदेश के ही उज्जैन में स्थित है। यह भी कहा जाता है कि शिक्षा पूरी होने पर जब गुरु दक्षिणा की बात आई तो ऋषि सांदीपनि ने एक दैत्य शंखासुर का उल्लेख किया। गुरु सांदीपनि ने श्रीकृष्ण को बताया कि, शंखासुर नामक दैत्य ने उनके पुत्र का अपहरण कर लिया था। श्रीकृष्ण ने गुरु दक्षिणा में शंखासुर का वध किया और गुरु के पुत्र को सुरक्षित ले आए। फिलहाल, देशभर में गुरु सांदीपनि के नाम से कई विद्यालय और शिक्षा संस्थान हैं, जो उनकी शिक्षा और योगदान को सम्मानित करते हैं।











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