भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सीएम हाउस से मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस वर्ष 10वीं का परिणाम 76.22 प्रतिशत और 12वीं का परिणाम 74.48 प्रतिशत रहा। यह पिछले 15 वर्षों में 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं का सर्वश्रेष्ठ परिणाम है।
इस वर्ष भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। 10वीं कक्षा में सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में पहला स्थान हासिल किया है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। वहीं, 12वीं कक्षा में सतना की प्रियल द्विवेदी ने 492 अंक प्राप्त कर टॉप किया है। उनकी लगन और मेहनत का यह उत्कृष्ट परिणाम है।
परिणाम घोषित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि इस वर्ष परीक्षाओं के दौरान प्रदेश में एक भी अप्रिय घटना या एफआईआर दर्ज नहीं हुई, जो कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने उन विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया जो इस बार सफलता प्राप्त नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि असफलता जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह आगे बढ़ने का एक अवसर है। उन्होंने छात्रों को निराश न होने और अगली बार और अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस वर्ष के परीक्षा परिणाम कई मायनों में खास रहे। न केवल परिणाम प्रतिशतता के लिहाज से बेहतर रहे, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया भी सुचारू रूप से संपन्न हुई। शिक्षा विभाग और बोर्ड ने परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए थे, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य माध्यमों पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। विद्यार्थी अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करके अपना परिणाम देख सकते हैं।
यह ऐतिहासिक परीक्षा परिणाम मध्यप्रदेश के शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों को दर्शाता है।











Leave a Reply