
वैश्विक स्तर पर लागत कम करने के प्रयासों के तहत, ऐसी खबरें आ रही हैं कि गूगल इंडिया में भी छंटनी हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस छंटनी का असर मुख्य रूप से कंपनी की विज्ञापन, बिक्री और मार्केटिंग टीमों पर पड़ सकता है, खासकर हैदराबाद और बेंगलुरु स्थित कार्यालयों में।
यह कदम गूगल द्वारा हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म और डिवाइस डिवीजन में की गई कर्मचारियों की कटौती के बाद आया है, जिसमें एंड्रॉइड, पिक्सेल और क्रोम जैसे उत्पाद शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य अपनी कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करना और दक्षता बढ़ाना है।
हालांकि गूगल ने आधिकारिक तौर पर छंटनी की संख्या की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विज्ञापन, बिक्री और मार्केटिंग विभागों के कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है।
गूगल के एक प्रवक्ता ने इस पुनर्गठन की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी पिछले साल प्लेटफॉर्म और डिवाइस टीमों के विलय के बाद से “अधिक चुस्त और प्रभावी ढंग से काम करने” पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें स्वैच्छिक विदाई कार्यक्रमों के अतिरिक्त कुछ कर्मचारियों की संख्या में कमी करना भी शामिल है।
उद्योग के जानकारों का मानना है कि यह छंटनी वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियों द्वारा लागत कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
भारत में गूगल के कर्मचारियों की कुल संख्या के बारे में कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह माना जाता है कि यह अमेरिका के बाहर कंपनी के सबसे बड़े कार्यबल में से एक है। इस संभावित छंटनी का भारतीय तकनीकी उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी देखना बाकी है।
मुख्य बातें:
- गूगल इंडिया में विज्ञापन, बिक्री और मार्केटिंग टीमों में छंटनी की आशंका।
- हैदराबाद और बेंगलुरु कार्यालयों में हो सकती है पुनर्गठन की प्रक्रिया।
- यह कदम वैश्विक स्तर पर गूगल द्वारा लागत कम करने के प्रयासों का हिस्सा है।
- हाल ही में प्लेटफॉर्म और डिवाइस डिवीजन में भी हुई थी छंटनी।
- कंपनी का लक्ष्य संचालन को सुव्यवस्थित करना और दक्षता बढ़ाना है।
- भारतीय तकनीकी उद्योग पर इस छंटनी का प्रभाव देखने योग्य होगा।











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