सामूहिक विवाह से अपव्यय रुकते हैं,समरसता बढ़ती हैः डॉ मोहन यादव

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मुख्यमंत्री खण्डवा के पंधाना में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल हुए

खण्डवा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह और सामूहिक निकाह से समाज में न केवल अपव्यय पर रोक लगती है बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी समाज में जाता है। उन्होंने कहा कि विवाह 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। परिवार में आ रही वधू को बेटी के समान प्रेम और सम्मान दिया जाए तथा बेटी भी अपने सास-ससुर को माता-पिता मानकर कुटुंब परंपरा का निर्वहन करें।


डॉ. मोहन यादव खण्डवा जिले के पंधाना विकासखंड में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में परिणय सूत्र में बंधे 1158 वर-वधु को बधाई और शुभकामनाएं दे रहे थे। वे गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली इस कार्यक्रम में शामिल हुए।


पंधाना में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी पंधाना में हुए कार्यक्रम में 1158 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इनमें 1137 का विवाह एवं 21 जोड़ों का निकाह हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक साथ इतने जोड़ों का परिणय सूत्र में बंधना अपने आप में रिकॉर्ड बनने जैसा है। पाणिग्रहण संस्कार और निकाह के एक साथ आयोजन ने सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। राज्य शासन की ओर से प्रत्येक वर-वधु को 51 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें से 49 हजार रुपये सीधे उनके खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने नव-दंपतियों से आव्हान किया कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लें और स्वयं के तथा अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत करने के लिए हर संभव प्रयास करें।


डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा की गोद में विराजित ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, दादाजी धूनीवाले और पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार की सुमधुर आवाज ने खंडवा जिले को विशेष पहचान दी है। विख्यात साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी साहित्यिक प्रतिभा और वीर टंट्या मामा के अदम्य साहस ने इस धरा को गौरवान्वित किया है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं और खंडवा के अधिकारियों-कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

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