महाराष्ट्र के नागपुर शहर में 17 मार्च 2025 को सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी, जब 17वीं सदी के मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर तनाव बढ़ गया। इस हिंसा में कई वाहन जलाए गए, पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए, और शहर के विभिन्न हिस्सों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा।
हिंसा की पृष्ठभूमि
विहिप (विश्व हिंदू परिषद) के सदस्यों ने औरंगाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। उन्होंने औरंगजेब की प्रतिमा और उसकी कब्र का प्रतीकात्मक दहन किया, जिससे तनाव बढ़ा। इस प्रदर्शन के बाद, मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने नागपुर के महल इलाके में मार्च निकाला, जो हिंसक झड़पों में बदल गया। पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें 15 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है।
हिंसा का विस्तार और प्रशासनिक कार्रवाई
हिंसा का दायरा बढ़ते हुए हंसपुरी, कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज और अन्य क्षेत्रों तक फैल गया। अनियंत्रित भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और घरों तथा दुकानों में तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया और धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी की।
मुख्यमंत्री और पुलिस की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागपुर के नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और पुलिस को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। नागपुर पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।
वर्तमान स्थिति
कर्फ्यू लागू होने के बाद से नागपुर के प्रभावित क्षेत्रों में शांति है, लेकिन तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं, और नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। अब तक 47 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और जांच जारी है।
निष्कर्ष
नागपुर में हुई इस सांप्रदायिक हिंसा ने शहर की शांति और सौहार्द को प्रभावित किया है। ऐसी घटनाएं समाज में विभाजन और अस्थिरता को बढ़ावा देती हैं। आवश्यक है कि सभी समुदायों के लोग संयम बरतें, अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, ताकि शहर में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके।









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