सुप्रीम कोर्ट ने एड को लेकर आदेश दिया है कि अब मनी लांड्रिंग केस में आरोपी को अरेस्ट नहीं किया जा सकता है जिस तरह से एड मनी लांड्रिंग केस में किसी को भी तुरंत गिरफ्तार कर लेती थी अब उसे पर सुप्रीम कोर्ट ने। लगा दिया है कोई भी बात जो पीएमएलए यानी प्रीवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत आती है तो किसी भी आरोपी को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है जब तक उसके खिलाफ सबूत ना हो

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेरी आईडी किसी को गिरफ्तार करता है तो उसे आरोपी की हिरासत जांच एजेंसी को कोर्ट से ही कस्टडी मांग करके करनी होगी ईडी किसी को गिरफ्तार करके उसके खिलाफ जांच कई महीनो तक नहीं चला सकती है पीएमएलए की धारा 45 के तहत अब जुड़वा शर्तें लागू नहीं होगी यानी उनकी रिहाई बड़ी आसानी से हो जाएगी अगर वह संबंध के बाद पेश होते हैं तो उसे हिसाब से वह सवाल यह है कि क्या केजरीवाल जी की गिरफ्तारी अवैध साबित हो जाएगी

ई डी बिना किसी सबूत के पहले तो किसी व्यक्ति को मनी लांड्री केस में गिरफ्तार कर लेती है फिर उसके खिलाफ सबूत इकट्ठा करती है यानी आरोपी के खिलाफ कोई भी सबूत पुख्ता नहीं होते तो उसको बहुत दिन तक जेल के अंदर नहीं रख सकता है अरविंद केजरीवाल के केस के मामले में भी ऐसा हुआ है अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सबूत इकट्ठा न किए जाने के कारण उन्हें जेल से रिहा करना
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत चौहान भी इस समय जेल में है वर्तमान में पप का दुरुपयोग ना हो इसके कारण सुप्रीम कोर्ट के द्वारा यह फैसला लिया गया है










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