नई दिल्ली। भारत ने रविवार को चिनाब नदी पर बगलिहार बांध के माध्यम से पानी का प्रवाह रोक दिया है, इससे यहां का पानी पाकिस्तान जाना बंद हो गया है। झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध को लेकर भी इसी तरह के कदम उठाने की योजना बना रहा है। भारत ने पाकिस्तान के साथ 1965, 1971 और 1999 की जंग के बाद भी सिंधु जल समझौते को स्थगित नहीं किया था। लेकिन इस बार पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सरकार ने इस संधि को रोक दिया है, जिससे गर्मी में पड़ोसी मुल्क की हालत खराब हो सकती है।
सत्रों के मुताबिक जम्मू के रामबन में बगलिहार जलविद्युत बांध और उत्तरी कश्मीर में किशनगंगा जलविद्युत बांध भारत को पानी छोड़ने के समय को रेगुलेट करने की क्षमता देते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद, भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला किया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। विश्व बैंक की मध्यस्थता से की गई सिंधु जल संधि ने 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के उपयोग को नियंत्रित किया है। पाकिस्तान को किशनगंगा बांध को लेकर भी आपत्ति है। इससे झेलम की सहायक नदी नीलम पर इसके प्रभाव पड़ सकता है। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दिल्ली में हलचल तेज हो गई है। पीएम मोदी ने रविवार को वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह से मुलाकात की। इससे पहले पीएम मोदी ने नेवी चीफ से भी मुलाकात की थी। इस मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे।
Pakistan पर ‘Water Strike’, बगलिहार बांध से जल प्रवाह रोका











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