मुंबई | महाराष्ट्र के यात्रियों के लिए एक बुरी खबर है। पुणे-मुंबई और समृद्धि एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क 1 अप्रैल 2025 से बढ़ने वाला है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने टोल दरों में वृद्धि की घोषणा की है, जिससे इन मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क में वृद्धि:
पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लोगों को अब अधिक टोल देना होगा। खबरों के अनुसार, टोल शुल्क में लगभग 3% की वृद्धि की जाएगी। इससे चार पहिया वाहनों के लिए एक तरफ का टोल ₹5 और राउंड ट्रिप का टोल ₹10 बढ़ जाएगा। इसी तरह, बस और ट्रक जैसे बड़े वाहनों के टोल में ₹15 से ₹20 की वृद्धि होगी।
हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2030 तक इस एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क को नहीं बढ़ाया जाएगा। MSRDC के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क का निर्धारण 1 अप्रैल 2005 को हुआ था। इससे पहले आखिरी बार इस एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क में बदलाव 1 अप्रैल 2023 को किया गया था।
समृद्धि एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क में वृद्धि:
समृद्धि एक्सप्रेसवे पर टोल की दरों में 19% का इजाफा होने वाला है। MSRDC के अनुसार, हल्के मोटर वाहनों (कार आदि) के लिए टोल 2.06 रुपये प्रति किमी, हल्के व्यावसायिक वाहनों (मिनी बस आदि) के लिए 3.32 रुपये प्रति किमी, दो-एक्सल भारी वाहनों (ट्रक आदि) के लिए 6.97 रुपये प्रति किमी और तीन-एक्सल भारी वाहनों (कंटेनर आदि) के लिए 7.60 रुपये प्रति किमी होगा। भारी निर्माण मशीनरी के लिए 10.93 रुपये प्रति किमी और सात या उससे ज्यादा एक्सल के भारी वाहनों के लिए 13.30 रुपये प्रति किमी टोल लगेगा।
उदाहरण के लिए, नागपुर से इगतपुरी तक हल्के मोटर वाहनों (कार आदि) का टोल 1,080 रुपये से बढ़कर 1,290 रुपये हो जाएगा। भारी निर्माण मशीनरी का टोल 5,740 रुपये से बढ़कर 6,830 रुपये हो जाएगा। अतिरिक्त भारी वाहनों को 6,980 रुपये की जगह 8,315 रुपये चुकाने होंगे। नई टोल दरें 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेंगी।
टोल शुल्क में वृद्धि का कारण:
सड़क विकास निगम का कहना है कि टोल शुल्क में वृद्धि रखरखाव और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आवश्यक है। उनका तर्क है कि बढ़ी हुई लागत को पूरा करने के लिए टोल बढ़ाना जरूरी है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया:
टोल शुल्क में वृद्धि से यात्रियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई से परेशान हैं, और टोल शुल्क में वृद्धि से उन पर और अधिक आर्थिक बोझ पड़ेगा। कई यात्रियों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
निष्कर्ष:
पुणे-मुंबई और समृद्धि एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क में वृद्धि से यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा। यह देखना होगा कि सरकार इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और यात्रियों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाती है।











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