विजयपुरा (कर्नाटक)। भाजपा से हाल ही में निष्कासित बागी विधायक बसंगौड़ा पाटिल यतनाल ने रविवार को धमकी दी है कि यदि भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष पद से बी वाई विजयेंद्र को नहीं हटाया तो वे राज्य में नई हिंदू पार्टी बना लेंगे। उन्होंने कहा कि विजयेंद्र को अध्यक्ष बनाए रखने का मतलब उनके पिता बी एस येदियुरप्पा की “वंशवाद की राजनीति” का समर्थन करना होगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री यतनाल ने कहा कि वह भाजपा के खिलाफ नहीं हैं वह उसे अभी भी “माँ” मानते हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह और उनके सहयोगी एक नई पार्टी की आवश्यकता पर जनता की राय जुटाना शुरू करेंगे, और विजयादशमी पर इसके अस्तित्व में आने की संभावना है।
उन्होंने बार-बार कहा कि उन्हें राज्य भर के हिंदू कार्यकर्ताओं से संदेश मिल रहे हैं, जिसमें कर्नाटक में “हिंदू पार्टी” बनाने के लिए कहा जा रहा है, क्योंकि यहां हिंदू वर्तमान राज्य भाजपा के तहत सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने वर्तमान भाजपा पर सीएम सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डी के शिवकुमार और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ “समझौता” करने का आरोप लगाया है।
भाजपा ने बुधवार को पार्टी अनुशासन के बार-बार उल्लंघन के लिए यतनाल को छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। यतनाल ने कहा, “येदियुरप्पा के बेटे के स्वार्थ के कारण पार्टी में हिंदुत्व की वकालत करने वाले लोगों को दबाया जा रहा है, आज मुझे भी विजयेंद्र और येदियुरप्पा की वंशवादी राजनीति के कारण दबाया जा रहा है।”
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह अभी भी पार्टी आलाकमान से अनुरोध करते हैं जो वंशवाद की राजनीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ है, कि अगर वे समायोजन की राजनीति में लिप्त लोगों को नहीं हटाते हैं, तो राज्य के लोगों का भाजपा से विश्वास उठ जाएगा।
उन्होंने कहा, पीएम मोदी अपने भाषणों में बार-बार कहते हैं कि भाजपा में वंशवाद और समायोजन की राजनीति और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। “तो फिर विजयेंद्र अभी भी क्यों हैं? विजयेंद्र भ्रष्ट हैं और उनकी वजह से ही येदियुरप्पा जेल गए; उनके खिलाफ जालसाजी के आरोप हैं; उनका नाम पीएसआई और 40 प्रतिशत कमीशन घोटाले के पीछे है।”











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