भोपाल: मशहूर बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए ओटीटी (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म पर दिखाए जा रहे कंटेंट को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म समाज में घटित हो रही घटनाओं का सिर्फ आधा-अधूरा सच दिखा रहे हैं।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लीलता ज्यादा देखने को मिलती है, जहां युवा अजीबोगरीब कपड़े पहनकर और कंटेंट से ज्यादा दिखावा करते हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाई जा रही चीजें तो समाज में हो रही घटनाओं का आधा हिस्सा ही हैं।

उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और अनुभवों को भी साझा किया। बीएससी की पढ़ाई करने से लेकर केमिस्ट की नौकरी, फिर थिएटर आर्टिस्ट और अंत में बॉलीवुड अभिनेता बनने तक के अपने सफर के बारे में उन्होंने बताया।
नवाजुद्दीन ने थिएटर कलाकारों के मुंबई पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि थिएटर एक ऐसी जगह है जहां कोई भी खुद को तलाश सकता है और आजकल लोग थिएटर में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को थिएटर में कलाकारों का जीवंत प्रदर्शन देखने के लिए ले जाएं, जिससे कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों की मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की लत पर भी चिंता जताई।
उनकी नई फिल्म ‘कोस्टाओ’ गोवा के एक निडर कस्टम अधिकारी एंटोनियो फवामिनी दा कोस्टा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने 1990 के दशक में सोने की तस्करी के एक बड़े रैकेट के खिलाफ अभियान चलाया था। फिल्म में नवाजुद्दीन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी का यह बयान ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जा रहे कंटेंट और समाज पर उसके प्रभाव को लेकर एक नई बहस छेड़ सकता है।











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