नागपुर। वर्षों तक संघ प्रचारक रहे नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के 11 साल बाद पहली बार रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने संघ को भारत की अमर संस्कृति का वट वृक्ष बताया। उन्होंने डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर का दौरा किया और संघ के संस्थापकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दीक्षाभूमि का भी दौरा किया, जहां डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया था।
मोदी नागपुर में आरएसएस मुख्यालय का दौरा करने वाले दूसरे मौजूदा प्रधानमंत्री बन गए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के तौर पर अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान 2000 में यहां का दौरा किया था। यह मोदी का भी शीर्ष पद पर तीसरा कार्यकाल है।
मोदी ने माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला भी रखी। यह माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। इसका नाम दिवंगत आरएसएस प्रमुख माधवराव गोलवलकर के नाम पर रखा गया है।
मोदी ने कहा, “आरएसएस भारत की अमर संस्कृति और आधुनिकीकरण का वट वृक्ष है, जिसके आदर्श और सिद्धांत राष्ट्रीय चेतना की रक्षा करना है।” उन्होंने कहा, “यह विशाल वटवृक्ष कोई साधारण वटवृक्ष नहीं है।” उन्होंने कहा कि आरएसएस सेवा का पर्याय है।
मोदी ने कहा कि “हमें एक मजबूत और विकसित भारत के अगले 1,000 वर्षों की आधारशिला रखनी है। देश इस साल संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है और आरएसएस (अपनी स्थापना के) 100 वर्ष पूरे कर रहा है।
संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवक अपने लिए कुछ नहीं चाहते बल्कि समाज में दूसरों के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा ही आरएसएस के लिए जीवन का मिशन है।











Leave a Reply