भोपाल, 27 अप्रैल 2025: राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक नई ‘बाइनरी प्रत्यायन प्रणाली’ की घोषणा की है, जो मई 2025 से लागू होगी। इस प्रणाली के तहत कॉलेजों को केवल दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा: ‘प्रत्यायित’ या ‘अप्रत्यायित’। यह कदम उच्च शिक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रमुख विशेषताएं:
- सरल वर्गीकरण: कॉलेजों को अब A++, A+, B जैसे ग्रेड के बजाय केवल ‘प्रत्यायित’ या ‘अप्रत्यायित’ के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
- मच्योरिटी-बेस्ड ग्रेडिंग (MBGL): उच्च प्रदर्शन करने वाले संस्थानों के लिए एक उन्नत ग्रेडिंग प्रणाली भी पेश की जाएगी, जो उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक उत्कृष्टता के स्तर तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।
- उद्देश्य: इस नई प्रणाली का उद्देश्य अधिक संस्थानों को प्रत्यायन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
भोपाल में प्रभाव:
मध्य प्रदेश में वर्तमान में 1,360 कॉलेजों में से केवल 159 ही NAAC से प्रत्यायित हैं। भोपाल के कई कॉलेजों को अब इस नई प्रणाली के तहत प्रत्यायन के लिए आवेदन करना होगा, जिससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ेगी।
निष्कर्ष:
नई बाइनरी प्रत्यायन प्रणाली उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है, जो उन्हें गुणवत्ता सुधार की दिशा में प्रेरित करेगी। छात्रों के लिए भी यह प्रणाली संस्थानों की गुणवत्ता को समझने में सहायक होगी, जिससे वे अपने करियर के लिए बेहतर निर्णय ले सकेंगे।











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