जयपुर। राजस्थान में होली पर्व शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न होने के बाद शांति व्यवस्था कायम रखने वाली पुलिस ने भजनलाल सरकार से नाराजगी जाहिर की है। प्रदेश के कई जिलों में राजस्थान पुलिस के जवानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए इस बार होली के जश्न से दूरी बनाई। उनकी मुख्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें वेतन विसंगति, मैस भत्ता, साप्ताहिक अवकाश और प्रमोशन जैसी मांगें शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पुलिसकर्मियों से होली मनाने की अपील की।
धुलंडी के दूसरे दिन हर साल की तरह पुलिस द्वारा होली महोत्सव का आयोजन किया जाता है। शनिवार को ज्यादातर जगहों पर जवानों ने होली समाराह का बहिष्कार किया तो कुछ शहरों में पुलिस के बड़े अफसरों ने आपस में होली खेली।

अजमेर पुलिस लाइन मैदान में होली समारोह के लिए डीजे साउंड और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन पुलिसकर्मी समारोह में शामिल नहीं हुए और सारी तैयारियां व्यर्थ गईं। संभागीय आयुक्त महेश चंद शर्मा, डीआईजी ओम प्रकाश, एसपी वंदिता राणा सहित अन्य अधिकारी पुलिस लाइन पहुंचे और आपस में गुलाल व रंग लगाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
डीआईजी ओम प्रकाश ने बताया कि उन्हें होली बहिष्कार के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। यदि कोई कर्मचारी इस विषय में जानकारी देता है, तो उचित कदम उठाए जाएंगे।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि वे कांस्टेबल भर्ती में शैक्षणिक योग्यता स्नातक और कंप्यूटर डिप्लोमा अनिवार्य करने, कांस्टेबल से निरीक्षक तक की डीपीसी में टाइम स्केल पदोन्नति प्रक्रिया लागू करने, तथा पटवारी की तर्ज पर 9 वर्ष में प्रथम एसीपी पर ग्रेड पे ₹3600 देने जैसी मांगों को लेकर रोष प्रकट कर रहे हैं।











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