
भारत में अगर डॉक्टर बनना है, तो नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट को पास करना होता है. इसके बिना डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं हो सकता है. इसे डॉक्टर बनने की एंट्री गेट भी कहा जाता है. अगर जो भी इस गेट को पार कर लेते है वह डॉक्टर बनने की पहली सीढ़ी चढ़ जाता है. इसके लिए उम्मीदवारों को जी तोड़ मेहनत करनी पड़ती है. साथ ही कई तरह की चीजों को भी इस्तेमाल करना पड़ता है. अगर आप भी डॉक्टर बनने की ख्वाहिश रखते हैं, तो एक ऐसे ही उपकरण के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल करने से नीट की तैयारी में मदद मिल सकती है.
निमोनिक्स एक मेमोरी डिवाइस है, जो उम्मीदवारों को किसी भी बड़े चीजों को याद रखने में मदद करता है. रिसर्चरों ने पाया कि जो छात्र रेगुलर रूप से निमोनिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, उनके टेस्ट स्कोर में 77 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. नीट की तैयारी करने वाले उम्मीदवार पीरियोडिक टेबल को याद करने के लिए निमोनिक्स का इस्तेमाल करते हैं. निमोनिक्स कई तरह के होते हैं, जो केवल पर्सनल शिक्षार्थियों की रचनात्मकता तक ही सीमित हैं. यह हैंडआउट नौ मूलभूत प्रकारों को रेखांकित करता है. इनमें संगीत, नाम, शब्द, मॉडल, कविता, नोट संगठन, छवि, कनेक्शन और वर्तनी शामिल है.










Leave a Reply