उज्जैन में सावन के तीसरे सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य सवारी पारंपरिक श्रद्धा और राजसी ठाठ-बाट के साथ निकाली गई। महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे शुरू हुई सवारी में बाबा चंद्रमोलेश्वर रूप में चांदी की पालकी, हाथी पर मनमहेश स्वरूप और गरुड़ रथ पर शिवतांडव स्वरूप में दर्शन देने निकले।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, राकेश शुक्ला और लखन पटेल ने सभा मंडप में पूजन किया। आदिवासी नृत्य समूहों व बीएसएफ और स्कूल बैंड्स ने सवारी को सांस्कृतिक वैभव प्रदान किया। मंदिर के मुख्य द्वार पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

शिप्रा नदी पर जलाभिषेक के बाद सवारी पुनः मंदिर लौटी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशा अनुसार इस बार सवारी को विशेष थीम दी गई, जिसमें कर्नाटक, निमाड़, डिंडोरी और जबलपुर के लोक कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी। हजारों श्रद्धालुओं ने सड़कों पर उमड़कर बाबा के दर्शन किए।











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