मुंबई: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भारत में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में सोने और चांदी दोनों की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस दिन कुल कारोबार की मात्रा में 2.9 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो ₹644 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष इसी दिन हुए ₹224 करोड़ के कारोबार की तुलना में एक महत्वपूर्ण उछाल दर्शाता है।
त्योहारी सीजन के दौरान, एक्सचेंज पर उपलब्ध आकर्षक निवेश विकल्पों में क्रेडिट फंड्स भी तेजी से निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि, इस बार सोने और चांदी के ईटीएफ ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। बीते वर्ष में गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की रुचि में लगातार वृद्धि देखी गई है। 30 अप्रैल तक, गोल्ड ईटीएफ का ट्रेडिंग वॉल्यूम ₹130 करोड़ से बढ़कर ढाई गुना हो गया और ₹331 करोड़ तक पहुंच गया। यह सोने को ईटीएफ के माध्यम से निवेश के एक पसंदीदा माध्यम के रूप में स्थापित करता है।
लेकिन इस बार चांदी के ईटीएफ ने सोने से भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए सबको चौंका दिया। सिल्वर ईटीएफ के कारोबार की मात्रा में अविश्वसनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹95 करोड़ से बढ़कर प्रभावशाली ₹313 करोड़ तक पहुंच गई। यह उछाल चांदी को एक्सचेंज में सबसे तेजी से विकास करने वाला सेगमेंट बनाता है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी की मांग में इस अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। चांदी न केवल एक कीमती धातु है, बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में इसकी औद्योगिक मांग इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाती है। इसके अतिरिक्त, सोने की तुलना में चांदी अक्सर खुदरा निवेशकों के लिए अधिक सुलभ और किफायती लगती है, जिसके कारण अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसरों पर बड़ी संख्या में छोटे निवेशक भी इसमें रुचि दिखाते हैं।
त्योहारी सीजन में एक्सचेंज पर आकर्षक निवेश विकल्पों के रूप में क्रेडिट फंड्स की बढ़ती लोकप्रियता ने भी समग्र बाजार गतिविधि में योगदान दिया। हालांकि, इस बार कीमती धातुओं, विशेष रूप से चांदी के असाधारण प्रदर्शन ने निवेशकों के बदलते रुझानों और चांदी की बढ़ती आकर्षण को एक मूल्यवान संपत्ति वर्ग के रूप में दर्शाया है।
अक्षय तृतीया पर ईटीएफ के कारोबार की मात्रा में यह महत्वपूर्ण वृद्धि भारतीय वित्तीय बाजारों में निवेशकों की बढ़ती परिपक्वता और भागीदारी को रेखांकित करती है। चांदी के ईटीएफ का सोने से भी बेहतर प्रदर्शन निवेश के बदलते पैटर्न और चांदी की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत देता है। आने वाले महीनों में बाजार के प्रतिभागी और विश्लेषक इस रुझान पर बारीकी से नजर रखेंगे।











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