कराची। पाकिस्तान के प्रमुख शहर कराची में अवैध रूप से रहे 300 अफगान नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया है। इन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा।
कराची दक्षिण उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सैयद असद रजा ने कहा कि गृह मंत्रालय के आदेशों के पालन में ऐसा किया जा रहा है। हिरासत में लिए लोग वे हैं जिनके पास पाकिस्तान में रहने के वैध दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे लोगों का पता लगाने के लिए कराची में प्रतिदिन तलाशी ली जा रही है। देश की सरकार ने अवैध रूप से रहने वाले अफगान नागरिकों को देश से निकालने के आदेश दिए हैं। सरकार ने सभी अवैध नागरिकों को पाकिस्तान से निकालने के आदेश दिए हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान में लगभग 16,138 व्यक्तियों को निशाना बनाया गया है। कराची के बाहरी इलाके में घनी आबादी वाली अफ़गान बस्ती में रहने वाले अफ़गानों के मुखिया हाजी अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले सितंबर में नई सरकारी नीति शुरू होने के बाद से कई अफ़गान स्वेच्छा से घर लौट गए हैं या किसी अन्य देश चले गए हैं। हममें से कई लोगों के लिए यह एक तनावपूर्ण स्थिति बन गई है क्योंकि हमें डर है कि अधिकारी दिन के किसी भी समय हमारे दरवाजे पर दस्तक देंगे।
अब्दुल्ला ने कहा कि कई लोग घर लौटना और वहाँ की स्थिति का सामना करना बेहतर समझते हैं। कई अफ़गान दुकानों, परिवहन और व्यापार सहित व्यवसायों में शामिल थे, और लगभग 250 अफ़गान परिवार अपने व्यवसाय को बंद करने के बाद पहले ही घर लौट चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने पाकिस्तान सरकार से अवैध विदेशियों को वापस भेजने की योजना को रोकने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि इससे संघर्ष और तालिबान की मौजूदगी के कारण अपने देश से भागे अफगान नागरिकों के लिए समस्या पैदा हो गई है। पाकिस्तान ने कहा कि वह केवल उचित दस्तावेज के बिना अवैध अफगान नागरिकों को वापस भेज रहा है। इसके लिए 31 मार्च की अंतिम तिथ् तय की थी।











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