मध्य प्रदेश में TET mandatory order MP को लेकर शिक्षकों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test – TET) अनिवार्य किए जाने के आदेश के विरोध में राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। भोपाल में शिक्षक संगठनों ने कलेक्ट्रेट के सामने एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निर्देश के बाद MP teachers protest तेज हो गया है। आदेश के मुताबिक ऐसे शिक्षक, जिनकी नियुक्ति RTE Act लागू होने से पहले हुई थी, उन्हें भी TET पास करना अनिवार्य किया गया है। इस फैसले से लंबे समय से सेवा दे रहे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रदेश में कई शिक्षक 20 से 25 साल से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं और नियुक्ति के समय TET की शर्त नहीं थी। ऐसे में अब नई शर्त लागू करना नियमों के खिलाफ है। संगठनों का आरोप है कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले सरकार ने शिक्षकों से चर्चा भी नहीं की।
भोपाल में प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मांग की कि सरकार इस आदेश को वापस ले या फिर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करे। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
शिक्षक संघ ने कहा कि 15 से 28 मार्च तक जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर पर संयुक्त आंदोलन किया जाएगा। इस फैसले से करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।











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