Sahitya Akademi Awards 2025: 24 भाषाओं में लेखकों को सम्मान, Mamta Kalia को मिला हिंदी का पुरस्कार

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भारतीय साहित्य की दुनिया से बड़ी खबर सामने आई है। Sahitya Akademi ने वर्ष 2025 के साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार देश की 24 मान्यता प्राप्त भाषाओं में उत्कृष्ट रचनाओं को सम्मानित किया गया है। हर साल की तरह इस बार भी अलग-अलग विधाओं—कविता, उपन्यास, कहानी, निबंध, आत्मकथा और संस्मरण—में श्रेष्ठ कृतियों का चयन किया गया।

यह पुरस्कार भारतीय साहित्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लेखकों को दिया जाता है और इसे देश का सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान माना जाता है।

हिंदी साहित्य में Mamta Kalia का सम्मान

इस वर्ष हिंदी भाषा के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया को दिया गया है। उन्हें उनके चर्चित संस्मरण “जीते जी इलाहाबाद” के लिए चुना गया है।

यह पुस्तक केवल एक शहर का वर्णन नहीं करती, बल्कि इलाहाबाद (प्रयागराज) के सांस्कृतिक, सामाजिक और बौद्धिक जीवन की गहरी झलक पेश करती है। ममता कालिया ने अपने अनुभवों और अवलोकनों के माध्यम से शहर की आत्मा को शब्दों में उतारने की कोशिश की है, जिसे साहित्य जगत में काफी सराहा गया।

किन-किन भाषाओं और विधाओं में दिए गए पुरस्कार?

साहित्य अकादमी हर साल 24 भारतीय भाषाओं में पुरस्कार देती है। इस बार भी विभिन्न विधाओं की रचनाओं को चुना गया, जिनमें शामिल हैं:

  • कविता संग्रह
  • उपन्यास
  • कहानी संग्रह
  • निबंध
  • आलोचना
  • आत्मकथा
  • संस्मरण

इस वर्ष कुल मिलाकर:

  • 8 कविता संग्रह
  • 4 उपन्यास
  • 6 कहानी संग्रह
  • 2 निबंध
  • 1 साहित्यिक आलोचना
  • 1 आत्मकथा
  • 2 संस्मरण

को सम्मानित किया गया है। यह विविधता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय साहित्य हर स्तर पर समृद्ध और जीवंत है।

अन्य प्रमुख विजेता

इस बार अंग्रेज़ी भाषा में Navtej Sarna को उनके उपन्यास “Crimson Spring” के लिए सम्मानित किया गया है। इसके अलावा बांग्ला, तमिल, उर्दू, तेलुगू, असमिया और अन्य भाषाओं के लेखकों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार मिला है।

हर भाषा में चयन की प्रक्रिया काफी सख्त होती है, जिसमें विशेषज्ञों की समिति रचनाओं का मूल्यांकन करती है।

पुरस्कार में क्या मिलता है?

साहित्य अकादमी पुरस्कार के तहत विजेताओं को:

  • ₹1,00,000 की नकद राशि
  • ताम्र पट्टिका (Plaque)
  • शॉल

प्रदान किया जाता है। यह सम्मान केवल पुरस्कार राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लेखक के पूरे साहित्यिक योगदान की पहचान होता है।

क्यों खास है यह सम्मान?

साहित्य अकादमी पुरस्कार को भारतीय साहित्य का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह न केवल स्थापित लेखकों को पहचान देता है, बल्कि नए और उभरते लेखकों को भी प्रेरित करता है।

भारत जैसे बहुभाषी देश में, जहां हर भाषा की अपनी अलग परंपरा और शैली है, ऐसे पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर पर साहित्य को जोड़ने का काम करते हैं।

साहित्य और समाज पर प्रभाव

ऐसे पुरस्कारों का असर सिर्फ साहित्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह समाज को भी प्रभावित करता है। अच्छी किताबें और लेखन समाज में जागरूकता बढ़ाते हैं, सोच को नया आयाम देते हैं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं।

ममता कालिया जैसी लेखिकाओं का सम्मान इस बात का संकेत है कि व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक यथार्थ पर आधारित लेखन को आज भी महत्व दिया जा रहा है।

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