भोपाल: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के माहौल में, दुर्गा वाहिनी ने भोपाल में एक महत्वपूर्ण आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन किया। 2 मई से 9 मई तक शारदा विहार में आयोजित इस शिविर में लगभग 250 लड़कियों और महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से इतना सक्षम बनाना था कि वे किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकें। प्रतिभागियों को दैनिक योग, ध्यान और प्राणायाम के साथ-साथ कराटे, लाठी, तलवार चलाने जैसी पारंपरिक युद्ध कलाओं का गहन प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में राइफल शूटिंग का प्रशिक्षण भी शामिल था, जो प्रतिभागियों को हथियार चलाने की बुनियादी समझ प्रदान करता है।
दुर्गा वाहिनी के आयोजकों ने बताया कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उनका मानना है कि एक प्रशिक्षित महिला न केवल अपनी रक्षा कर सकती है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित और प्रशिक्षित कर सकती है।
शिविर में भाग लेने वाली महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास की वृद्धि हुई है और वे अब अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। अंजली त्यागी, एक प्रतिभागी, ने बताया कि शिविर में उन्हें न केवल आत्मरक्षा की तकनीकें सीखने को मिलीं, बल्कि दैनिक जीवन में अनुशासन और स्वच्छता के महत्व के बारे में भी जानकारी मिली।
दुर्गा वाहिनी, जो विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल से संबद्ध है, नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित करती है। संगठन सेवा, सुरक्षा और संस्कार के मूल्यों पर आधारित विभिन्न गतिविधियों में संलग्न है, जिसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र चलाना, कानूनी सहायता प्रदान करना और सामाजिक कार्यों में भाग लेना शामिल है।
यह शिविर ऐसे समय में संपन्न हुआ है जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हैं। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और उसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर हुई गोलीबारी, राजनयिकों का निष्कासन और हवाई क्षेत्र को बंद करने जैसी घटनाओं ने माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। इस तनावपूर्ण स्थिति में दुर्गा वाहिनी का यह प्रयास महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











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