भोपाल, भारत – 9 मई, 2025 – भोपाल नगर निगम (बीएमसी) अपने वाहनों में ईंधन की चोरी और दुरुपयोग को रोकने के लिए एक नई तकनीक आधारित प्रणाली शुरू करने जा रहा है। निगम जल्द ही एक समर्पित ‘ईंधन निगरानी ऐप’ लॉन्च करेगा, जिसके माध्यम से सभी वाहनों के लिए डिजिटल ईंधन इंडेंट (मांग पत्र) जारी किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य ईंधन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाना है।
वर्तमान में, बीएमसी के विभिन्न विभागों में कार्यरत वाहनों के लिए ईंधन की आपूर्ति पारंपरिक कागजी इंडेंट के माध्यम से की जाती है। इस प्रक्रिया में कई स्तरों पर मानवीय हस्तक्षेप होता है, जिससे ईंधन की चोरी या अनावश्यक खपत की संभावना बनी रहती है। नई डिजिटल प्रणाली इस प्रक्रिया को पूरी तरह से स्वचालित कर देगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
प्रस्तावित ईंधन निगरानी ऐप के तहत, प्रत्येक वाहन के लिए एक विशिष्ट डिजिटल पहचान बनाई जाएगी। जब किसी वाहन को ईंधन की आवश्यकता होगी, तो संबंधित विभाग का अधिकृत व्यक्ति ऐप के माध्यम से एक डिजिटल इंडेंट जेनरेट करेगा। इस इंडेंट में वाहन का नंबर, आवश्यक ईंधन की मात्रा और ईंधन भरने का उद्देश्य स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।
यह डिजिटल इंडेंट सीधे अधिकृत पेट्रोल पंपों के साथ साझा किया जाएगा। जब वाहन ईंधन भरने के लिए पंप पर पहुंचेगा, तो ऑपरेटर ऐप के माध्यम से इंडेंट को सत्यापित करेगा और केवल उतनी ही मात्रा में ईंधन भरेगा जितना इंडेंट में उल्लेखित है। ईंधन भरने की प्रक्रिया का विवरण, जैसे कि समय और भरी गई वास्तविक मात्रा, स्वचालित रूप से ऐप में दर्ज हो जाएगा।
इस प्रणाली का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह वास्तविक समय में ईंधन की खपत का डेटा प्रदान करेगा। निगम के अधिकारी ऐप के माध्यम से किसी भी वाहन की ईंधन खपत के पैटर्न की निगरानी कर सकेंगे। यदि किसी वाहन की ईंधन खपत में कोई असामान्य वृद्धि दिखाई देती है, तो इसकी तुरंत जांच की जा सकेगी।
इसके अतिरिक्त, ऐप में वाहनों के माइलेज और रखरखाव के शेड्यूल को भी ट्रैक करने की सुविधा होगी। इससे निगम को अपने वाहन बेड़े के प्रबंधन को बेहतर बनाने और परिचालन लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
भोपाल नगर निगम के आयुक्त श्री कन्नाौद ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रणाली ईंधन की चोरी और दुरुपयोग को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडेंट जारी करने से ईंधन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही तय करना आसान होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस ऐप को उपयोग में आसान बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है और सभी कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस परियोजना के पहले चरण में, निगम के सभी बड़े वाहनों, जैसे कि कचरा संग्रहण वाहन, पानी के टैंकर और अन्य विभागीय वाहनों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। बाद में, छोटे वाहनों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
नगर निगम का मानना है कि इस डिजिटल पहल से न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि निगम के वित्तीय संसाधनों का भी बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। यह कदम स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।











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