भोपाल, 6 मई (खबर)। मध्य प्रदेश सरकार 7 मई को भोपाल सहित प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में मॉक ड्रिल आयोजित करेगी। यह ड्रिल केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी शहरों में बुधवार दोपहर 4 बजे मॉक ड्रिल शुरू होगी। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित हमले या आपदा की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी के सायरन बजाए जाएंगे और लोगों को सुरक्षात्मक कार्रवाई करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मॉक ड्रिल में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग शामिल होंगे। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को भी बुलाया गया है और आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
यह मॉक ड्रिल देश के उन 244 चिन्हित सिविल डिफेंस जिलों में आयोजित की जा रही है, जो सिविल डिफेंस नियम, 1968 के अंतर्गत आते हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन तैयारियों को बढ़ाना है। इसमें नागरिकों, छात्रों, एनसीसी, एनएसएस स्वयंसेवकों और नेहरू युवा केंद्र संगठन के सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस तरह की मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए हैं।
मॉक ड्रिल में शामिल गतिविधियां:
- हवाई हमले की चेतावनी के सायरन बजाना
- ब्लैकआउट का अभ्यास
- महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और उन्हें छलावरण करने के उपाय
- घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना और उसका अभ्यास
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल में सहयोग करें और इसे लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। यह अभ्यास लोगों को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के ये जिले मॉक ड्रिल में होंगे शामिल:
- भोपाल
- इंदौर
- ग्वालियर
- जबलपुर
- कटनी
यह मॉक ड्रिल पिछली बार 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई थी।











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