सोशल मीडिया पर कलाकारों को निशाना बनाकर की जाने वाली ट्रोलिंग के खिलाफ अभिनेत्री और फिल्ममेकर रेनू देसाई ने खुलकर आवाज उठाई है। हाल ही में मिले आपत्तिजनक संदेशों के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि अब मर्यादा से बाहर जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेनू देसाई ने एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों को अपनी राय रखने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन इसका मतलब किसी की निजी गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में उन्हें ऐसे सवाल और टिप्पणियां मिलीं जो व्यक्तिगत और अपमानजनक थीं।
अभिनेत्री के अनुसार, वह एक धार्मिक यात्रा के दौरान पारंपरिक परिधान में थीं, फिर भी सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अनुचित टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में होने के बावजूद हर व्यक्ति सम्मान का हकदार है और ऑनलाइन व्यवहार में भी सामाजिक जिम्मेदारी जरूरी है।
रेनू देसाई ने संकेत दिया कि यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो संबंधित यूजर्स के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं से अपील की कि ऑनलाइन उत्पीड़न को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लें।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती ट्रोल संस्कृति को लेकर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि स्वस्थ संवाद ही सोशल मीडिया की असली पहचान होना चाहिए, न कि नफरत या अपमानजनक भाषा।










Leave a Reply