भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते सुरक्षा तनाव को देखते हुए सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की अहम बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। यह उच्चस्तरीय बैठक 1 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जिसमें देश की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने आधिकारिक कार्यक्रम से लौटने के बाद इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र में तेजी से बदलते घटनाक्रम और बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार स्थिति का व्यापक आकलन कर रही है ताकि राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में विशेष रूप से खाड़ी देशों और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकार वहां की मौजूदा परिस्थितियों, भारतीय दूतावासों द्वारा जारी एडवाइजरी और आवश्यकता पड़ने पर संभावित निकासी योजनाओं की तैयारी की समीक्षा कर सकती है। इसके अलावा ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्गों और वैश्विक आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है, क्योंकि पश्चिम एशिया में अस्थिरता का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी देश की सुरक्षा से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण फैसले लेने वाली समिति मानी जाती है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं और इसमें रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री तथा वित्त मंत्री प्रमुख सदस्य के रूप में शामिल रहते हैं। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूदा हालात पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार सतर्क रणनीति अपनाते हुए हर संभावित स्थिति के लिए तैयारी कर रही है। यह बैठक न केवल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है।










Leave a Reply