दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली के विकास से जुड़े अहम संस्थान Shahjahanabad Redevelopment Corporation (SRDC) का नाम बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि SRDC rename plan संस्थान के पुनर्गठन और पुराने कामकाज की समीक्षा के बाद किया जा रहा है।
बैठक के दौरान पुरानी दिल्ली और शाहजहानाबाद क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पिछली सरकार के समय हुए कई प्रोजेक्ट्स में अनियमितताओं और खर्च बढ़ने को लेकर सवाल उठे हैं। इसी कारण सरकार ने न केवल कामकाज की जांच कराने का फैसला लिया है, बल्कि संस्था की नई पहचान देने के लिए नाम बदलने पर भी विचार किया गया।
सरकारी बयान के मुताबिक, SRDC के लिए तीन नए नामों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे और प्राथमिकता के आधार पर अंतिम नाम तय किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस संस्था का पुनर्गठन किया जाए ताकि पुरानी दिल्ली के विकास कार्य तेजी से पूरे हो सकें।
बैठक में चांदनी चौक पुनर्विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई, जो दिगंबर जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक फैले इलाके से जुड़ी है। बताया गया कि एक परियोजना जिसकी लागत पहले लगभग 65 करोड़ रुपये थी, वह बढ़कर करीब 148 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस पर प्रक्रिया और मंजूरी को लेकर सवाल उठाए गए हैं और मामले की जांच कराने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक टाउन हॉल को धरोहर स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि पुरानी दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा सके। इसके अलावा क्षेत्र में सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए करोड़ों रुपये के नए काम भी शुरू किए गए हैं।
सरकार का मानना है कि Delhi redevelopment project को तेज करने और पारदर्शिता लाने के लिए SRDC में बदलाव जरूरी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विकास कार्यों की निगरानी सख्त की जाएगी और पुराने मामलों की जांच पूरी होने पर कार्रवाई भी हो सकती है।










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